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  • प्राकृतिक इतिहास काल

                   प्राकृतिक इतिहास

    • यह मानव सभ्यता का पाषाण युग था। इस युग में मानव का मूल आधार पत्थर के उपकरण, हथियार आदि थे। प्राकृतिक इतिहास काल को उपलब्ध पुरातात्विक सामग्री के आधार पर निम्न तीन काल खण्डों में विभाजित किया गया है।
    1. पुरा पाषाण युग (24,0000 ई.पू. तक )
    पुरा पाषाण युग का दृश्य

     

    इस युग का मानव पत्थर के खुरदरे औजार  कुंठार,गंडासे,वल्कल आदि काम में लाता था। पुरा पाषाण युग में क्रो मैग्नम मानव ने गुफाओं की दीवारों पर रेखाएं खींचकर चित्र बनाए, जिनका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण मध्यप्रदेश में भीमबेटका की गुफाएं तथा सोहनघाटी हैं। इन चित्रों में मुख्यत: शिकार के दृश्य हैं। भीमबेटका गुफ़ाऔं में नवपाषाण युग व आरम्भिक लौह रंगीन बस्तियों के प्रमाण भी उपलब्ध है।
    2.मध्य पाषाण काल (10000 ई.पू.-9000 ई.पू.तक)
    मध्य पाषाण काल का दृश्य
    • यह पुरा व नव पाषाण काल के मध्य का संक्रमण काल है, जिसकी मुख्य विशेषता मानव द्वारा छोटे औजारों (लघु अन्य – microliths) का इस्तेमाल करने थी। इसलिए इसे सूक्ष्म पाषाण युग (microlithic Age) भी कहते हैं। भारत में (गुजरात) प्रमुख मध्य पाषाणिक स्थल है । यहां भारत में पशुपालन के प्राचीनतम अवशेष पाए हैं। इस काल में पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में वर्तमान जलवायु की शुरुआत हुई। जो क्षेत्र पूर्व में हिमाच्छादित थे वे इस युग में शुष्क और उष्ण होने लगे। इस युग की प्रमुख विशेषताएं निम्न हैं –
    • मानव द्वारा खाद्य सामग्री एकत्रित करना।
    • पशुपालन की शुरुआत।
    • स्थायी आवास की शुरुआत।

    3. नव पाषाण काल (9000 ई.पू. तक)

    इसे प्रसिद्ध पुरातत्वविद गार्डनचाइल्ड ने ‘ नवपाषणिक क्रान्ति ‘ भी कहा क्योंकि इसी समय कुछ ऐसे मौलिक परिवर्तन हुए, जिनसे मानव जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आया और सत्यता का विकास क्रम आगे बढ़ा जैसे –
    1. मानव ने कृषि की शुरुआत की।
    2. स्थायी रूप से घर बनाकर रहने लगे।
    3. मिट्टी के बर्तनों का अविष्कार।
    4. कातने और सुनने की कला का प्रारम्भ ।
    5. खाल और पत्तों से बने वस्त्रों के स्थान पर सन्, रूई और उन के बने वस्त्रों का प्रयोग।
    • इस युग में पशुपालन का महत्व बढ़ा तथा मानव अस्थि व सींगों के हथियार काम में लेने लगा। नव पाषाण युग में राखी के उत्पादन के प्रमाण उतनूर ( आन्ध्र प्रदेश ) में मिले हैं। भारतीय उपमहाद्वीप का प्राचीनतम नव पाषाणिक स्थल मेहरगढ़ (7000 ई.पू.) है जो वर्तमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त में अवस्थित है। दक्षिण भारत का ब्रह्मागिरी (कर्नाटक) भारत का सबसे पहले खोजा गया नव पाषाणिक स्थल है।

    प्रारंभिक मानव सभ्यताएं

    • प्रारंभिक मानव के बारे में जानकारी उत्खनन में प्राप्त उस समय के अवशेषों के आधार पर ही की जाती है। प्रारंभिक मानव द्वारा बनाये गये गुहा चित्रों, प्रतिमाओं, हथियार एवं औजारों, उनके द्वारा प्रयोग में लाई गई वस्तुओं आदि के अवशेषों के विश्लेषण के आधार पर ही उस समय की परिस्थितियों आदि के बारे में जानकारी मिलती है। इन्हीं के आधार पर उस समय के रहन-सहन एवं सामाजिक रीति रिवाजों,व्यापार – वाणिज्य परिवहन आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है।
  • भारत के प्रतीक चिन्ह 

    भारत के प्रतीक चिन्ह 

    भारत एक विविधताओं वाला देश है। भारत की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, अनेक भाषाओं, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा से होती है। देश की राष्ट्रीय पहचान को दर्शाने के लिए भारत ने कुछ राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह निर्धारित किए हैं। ये प्रतीक भारत की एकता, संस्कृति, इतिहास और गौरव का प्रतिनिधित्व करते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है।

    1. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा 

    राष्ट्रीय ध्वज 
    • भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कहलाता है।
    • केसरिया रंग: साहस और त्याग के प्रतीक हैं।
    • सफेद रंग: शांति और सत्य के प्रतीक हैं।
    • हरा रंग: समृद्धि और हरियाली के प्रतीक हैं।
    • अशोक चक्र: बीच में 24 तीलियों वाला निकला चक्र है।
    • ध्वज का अनुपात: लंम्बाई : चौड़ाई = 3:2 है।
    • 22 जुलाई 1947 को तिरंगा अपनाया गया था।

    2. भारत का राष्ट्रीय पक्षी 

    मोर
    • भारत का राष्ट्रीय पक्षी भारतीय मोर है। मोर अपनी सुंदर पंखों और आकर्षक नृत्य के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय संस्कृति, कला और परंपरा में मोर का विशेष स्थान है।
    • मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 1963 में घोषित किया गया था।

    3. भारत का राष्ट्रीय फूल – कमल

    कमल
    • भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है। कमल भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। यह कीचड़ में खिलने के बावजूद अपनी सुंदरता और स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध है।
    • कमल को भारतीय संस्कृति में पवित्रता, सुंदरता और आध्यात्मिकता से जोड़ा जाता है।

    4. भारत का राष्ट्रीय वृक्ष – बरगद

    बरगद 
    • भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। बरगद का पेड़ लंबे समय तक जीवित रहने और अपनी विशाल शाखाओं के कारण प्रसिद्ध है। इसकी शाखाओं से निकलने वाली जड़ें जमीन तक पहुंचकर नए तनों का रूप ले सकती हैं
    •  बरगद को स्थायित्व और विशालता का प्रतीक माना जाता है। भारतीय समाज और संस्कृति में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।

    5. भारत का राष्ट्रीय पशु – बाघ है।

    बाघ
    • भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। विशेष रूप से बंगाल टाइगर भारत की प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाघ अपनी शक्ति, साहस और सुंदरता के लिए जाना जाता है।
    • बाघ भारत के वन्यजीवन और जैव विविधता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसके संरक्षण के लिए भारत में कई प्रयास किए गए हैं।

    6. भारत का राष्ट्रीय फल – आम

    • भारत का राष्ट्रीय फल आम है। आम को भारत में फलों का राजा भी कहा जाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आम की अनेक किस्में पाई जाती हैं।
    • आम का भारतीय संस्कृति और खान-पान में विशेष महत्व है। गर्मियों के मौसम में आम की विभिन्न किस्में लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय होती हैं।

    7. भारत का राष्ट्रीय चिह्न – अशोक स्तंभ 

    • भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ के अशोक सिंह स्तंभ के शीर्ष भाग से लिया गया है। इसमें चार सिंह पीठ से पीठ मिलाकर खड़े दिखाई देते हैं, हालांकि राष्ट्रीय चिह्न में सामने से तीन सिंह दिखाई देते हैं।
    • इसके नीचे धर्मचक्र तथा घोड़ा और बैल के प्रतीक दिखाई देते हैं। राष्ट्रीय चिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में “सत्यमेव जयते” लिखा है। इसका अर्थ है – सत्य की ही विजय होती है।

    8. भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव – डॉल्फिन है।

    • भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा नदी डॉल्फिन है। यह मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल में पाई जाती है।
    • गंगा नदी डॉल्फिन भारत की नदी पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण जीव है। इसके संरक्षण के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रयास किए जाते हैं।

    9. भारत का राष्ट्रीय गीत – वन्दे मातरम् 

    • अक्सर सामान्य ज्ञान की पुस्तकों में हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल बताया जाता है, लेकिन भारत सरकार ने किसी भी खेल को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है। इसलिए सही जानकारी यह है कि भारत का कोई आधिकारिक राष्ट्रीय खेल नहीं है।
    • हॉकी भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण खेल रहा है और भारतीय हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं।

    10. भारत का राष्ट्रीय गान – जन गण मन 

    • भारत का राष्ट्रीय गान “जन गण मन” है। इसकी रचना रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने की थी। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे भारत के राष्ट्रीय गान के रूप में स्वीकार किया।
    • राष्ट्रीय गान भारत की एकता और राष्ट्रीय भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
    • गंगा भारत की राष्ट्रीय नदी है। यह भारत की प्रमुख और ऐतिहासिक नदियों में से एक है। गंगा का भारतीय संस्कृति, कृषि, धार्मिक परंपराओं और अर्थव्यवस्था में विशेष महत्व है।

    11. भारत की राष्ट्रीय मुद्रा – भारतीय रूपयॉं 

    रूपयॉं
    • भारत की आधिकारिक मुद्रा भारतीय रुपया (₹) है। रुपये का प्रतीक ₹ है। भारतीय रुपये का प्रतीक   और रोमन अक्षर “R” से प्रेरित है।

    सारांश 

    • राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह केवल पहचान के साधन नहीं हैं, बल्कि वे देश के इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और राष्ट्रीय भावना को दर्शाते हैं। तिरंगा हमें देश की एकता और स्वतंत्रता की याद दिलाता है, राष्ट्रीय चिह्न भारत की ऐतिहासिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है और बाघ, मोर, कमल तथा बरगद भारत की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

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